मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

मंगलवार, फ़रवरी 3

अनुराग बहे भीतर

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अनुराग बहे भीतर  जड़ता से मुक्त हृदय  आओ नव सृजन करें,  बिखरा दें श्रम सीकर   सुमनों से धरा भरें !  संतोषी अंतर मन  पुलकित हो गात सदा,  जीवन ...
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शनिवार, जनवरी 31

कोई

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  कोई  एक नीड़ है जग यह सारा कोई समेटे है अपने पंखों की आंच में और पोषता है जीवन को अहर्निश चेतना की अखंड धार से कोई रखे है आँख अपनी सन्तान प...
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गुरुवार, जनवरी 29

यदि मेरे हाथों में शासन की बागडोर हो

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यदि मेरे हाथों में शासन की बागडोर हो   .....तो खोल डालूं पांच सितारा होटल के द्वार उन निर्धन मजदूरों के लिये जिन्होंने कड़ी धूप में तपकर खड़े ...
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बुधवार, जनवरी 28

समुद्री यात्रा

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समुद्री यात्रा समुन्दर की असंख्य लहरों पर  डोलती, झूमता हुआ मस्त खटोले सी  बढ़ता जाता है जहाज  आकाश और समुंदर जहाँ मिलते हैं  क्षितिज पर धू...
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रविवार, जनवरी 25

बहे अटूट प्रेम की धारा

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77वें  गणतंत्र दिवस के अवसर पर  भारत भू की गौरव गाथा  आज सुनाने का दिन आया,   संविधान का पर्व मनाते जिसको इस दिन था अपनाया !    पावन संस्कृत...
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शुक्रवार, जनवरी 23

वसंत पंचमी

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वसंत पंचमी    खिले कुसुम महकी अमराई    मधु वासंती पवन बही है,   ऋतुराजा का स्वागत करने   क़ुदरत सारी निखर रही है !  सरसों फूली खलिहानों में ...
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रविवार, जनवरी 11

नये साल की कविता

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नये वर्ष के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ  नये साल में निर्दोष न मारे जायें   हो नहीं अन्याय का शिकार भी कोई,  बंद हों युद्ध, करें  निर्माण देशों क...
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सोमवार, दिसंबर 22

फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा - ३

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फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा अंतिम भाग ४ सितंबर २०२५  आज सुबह साढ़े आठ बजे हम बद्रीनाथ के लिए रवाना हुए। सर्वप्रथम विष्णुप्रयाग पर रुक...
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शनिवार, दिसंबर 20

फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा - २

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फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा दूसरा भाग २ सितंबर २०२५ आज सुबह हम पंछियों के कलरव से उठ गये थे। रात्रि के सन्नाटे में नदियों की कलकल भी...
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गुरुवार, दिसंबर 18

फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा - १

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    फूलों की घाटी और हेमकुंड की यात्रा पहला भाग १ सितम्बर २०२५  हमारी यात्रा अगस्त माह के अंतिम दिवस शुरू हुई।सुबह साढ़े सात बजे हम घर से च...
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सोमवार, दिसंबर 1

शांति सरवर मन बने

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शांति सरवर मन बने शांत मन ही ध्यान है  ईश का वरदान है,  सिंधु की गहराइयाँ  अनंत की उड़ान है ! आत्मा के द्वार पर  ध्यान का हीरा जड़ें, ईश चरण...
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शनिवार, नवंबर 29

रामायण - मिथक से परे इतिहास की झलक -अंतिम भाग

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रामायण - मिथक से परे इतिहास की झलक  (अंतिम भाग) कल हम जाफना से कोलंबो के लिए रवाना हुए, यात्रा लंबी थी, लगभग ग्यारह घंटे बस में बिताने पड़े।...
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बुधवार, नवंबर 26

रामायण - मिथक से परे इतिहास की झलक -५

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रामायण - मिथक से परे इतिहास की झलक  भाग - ५ कल रात हम जाफना पहुँचे थे। जाफ़ना श्रीलंका के उत्तरी सिरे पर एक समतल, शुष्क प्रायद्वीप पर स्थित ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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