मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

गुरुवार, फ़रवरी 19

अमृत घट बरबस बहते हैं

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अमृत घट बरबस बहते हैं कौन कहे जाता है भीतर चुकती नहीं ऊर्जा जिसकी, कौन गढ़े जाता है नूतन प्यास नहीं बुझती उसकी !   एक कुमारी कन्या जैसे है अभ...
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मंगलवार, फ़रवरी 17

कौन है वह !

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कौन है वह !  कुछ भी तो नहीं पता हमें  न कभी हो सकता है  क्यों और किसने बनायी यह दुनिया ? बस मन उस जादूगर के  प्रेम में खो सकता है ! पी सकता ...
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गुरुवार, फ़रवरी 12

जीवन

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जीवन  जीवन एक मधुर सुवास सा  चारों ओर बिखरा है  मानव ने खोज ली हैं  हजार तरकीबें उससे बचने की  वह सरल है, सहज प्राप्य है  आदमी जटिल बन गया ह...
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मंगलवार, फ़रवरी 10

चक्र सृष्टि का

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चक्र सृष्टि का  पाँच बज गये  भोर हो गई  धरा के इस भाग ने मुख मोड़ लिया हैं सूरज की ओर धीरे-धीरे उजाला होगा  अलसाये, उनींदे बच्चे जागेंगे  मं...
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शनिवार, फ़रवरी 7

समुद्री यात्रा

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प्रिय ब्लॉगर मित्रों, कुछ दिनों पहले हमने पहली एक लंबी समुद्री यात्रा की, उसी के दौरान ये कविताएँ लिखीं थीं, इन्हें एक साथ पढ़ने पर ही आप उस...
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गुरुवार, फ़रवरी 5

शाहों का शाह था

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शाहों का शाह था  अपनी ही छाया से अक्सर डर जाता  उससे बढ़ भीरु कोई नजर नहीं आता    सपनों पर भरोसा करे आँख मूँद कर सत्य से हमेशा दूर-दूर भाग ज...
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मंगलवार, फ़रवरी 3

अनुराग बहे भीतर

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अनुराग बहे भीतर  जड़ता से मुक्त हृदय  आओ नव सृजन करें,  बिखरा दें श्रम सीकर   सुमनों से धरा भरें !  संतोषी अंतर मन  पुलकित हो गात सदा,  जीवन ...
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शनिवार, जनवरी 31

कोई

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  कोई  एक नीड़ है जग यह सारा कोई समेटे है अपने पंखों की आंच में और पोषता है जीवन को अहर्निश चेतना की अखंड धार से कोई रखे है आँख अपनी सन्तान प...
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गुरुवार, जनवरी 29

यदि मेरे हाथों में शासन की बागडोर हो

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यदि मेरे हाथों में शासन की बागडोर हो   .....तो खोल डालूं पांच सितारा होटल के द्वार उन निर्धन मजदूरों के लिये जिन्होंने कड़ी धूप में तपकर खड़े ...
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बुधवार, जनवरी 28

समुद्री यात्रा

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समुद्री यात्रा समुन्दर की असंख्य लहरों पर  डोलती, झूमता हुआ मस्त खटोले सी  बढ़ता जाता है जहाज  आकाश और समुंदर जहाँ मिलते हैं  क्षितिज पर धू...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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