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शुक्रवार, अक्टूबर 23

छू पाता है उस अखण्ड को

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  छू पाता है उस अखण्ड को छंद बद्ध हो जीवन अपना  गीत, सहज संगीत जगेगा, ऋतु, दिन-रात बंधे ज्यों लय में  उर  से भी सुर-ताल बहेगा ! सुख-दुःख, रा...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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