मंज़िल और रास्ते
जिसने जाना, जो भी जाना
वह कहा नहीं जा सकता
जो कहा गया है
वह मार्ग की खबर देता है
मंज़िल की नहीं
वहाँ तो ख़ुद ही जाना होता है
कोई चल सकता है जिस मार्ग पर
वही सौंपा जाता है
अस्तित्त्व के द्वारा
हरेक का मार्ग उसका अपना है
भाग्य भी उसका साथ देता है
जो चल पड़ा है
उसका नहीं
जो अभी सोच में ही पड़ा है
या रास्ते पर ही खड़ा है
औषधि है हर रोग की यहाँ
इलाज हर किसी का होता है
भगोड़ा बन गया जो जीवन से
वह बार-बार उसे खोता है !
