मन पाए विश्राम जहाँ

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सोमवार, मई 26

चुनाव

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चुनाव   गा रहे पंछी   बह रही हवा  घूम रही धरा    हो रहा अपने आप सब कुछ ! चल रही श्वास    बढ़ रही उम्र    दौड़ रहा मन    हो रहा अपने आप सब कु...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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