मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
उदास
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
उदास
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, जुलाई 18
कैसा यह बंधन है !
›
कैसा यह बंधन है ! बांधा था हमने खुद को अपने ही शौक से उसने तो भागने के रस्ते सुझाये थे पिंजरे का द्वार खोल इशारे भी कर दिये उड़-उड़ क...
10 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें