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काश्मीर
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शुक्रवार, अप्रैल 21
नई कोंपलें जो फूटी हैं
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नई कोंपलें जो फूटी हैं कोकिल के स्वर सहज उठ रहे जाने किस मस्ती में आलम, मंद, सुगन्धित पवन डोलती आने वाला किसका बालम ! गुपचुप-...
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सोमवार, अगस्त 26
काश्मीर की बर्फीली चोटियों पर
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काश्मीर की बर्फीली चोटियों पर उन्होंने रक्त बहाया अंतिम बूंद तक ताकि सलामत रहे देश... भटके मीलों पैदल रह भूखे वज्र बनाया ...
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बुधवार, अगस्त 14
स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर
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स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर याद आ रहीं वे गाथाएं सुनकर जिनको बीता बचपन, शौर्य, वीरता, बलिदानों से थी सिचिंत जिनकी ...
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