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रविवार, मई 8

कहाँ गया घनघोर घटा स्वर

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कहाँ गया घनघोर घटा स्वर चमचम चमक रहा अम्बर पर छोड़े अविरत अस्त्र किरण शर,   क्रोधित रवि प्रचंड वेश धर जला रहा मल ले अशुद्धि हर !   गृह मे...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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