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गुरुवार, सितंबर 20

शब्दों की सीमा बाहर है

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शब्दों की सीमा बाहर है शब्दों से ही परिचय मिलता उसके पार न जाता कोई, शब्दों की इक आड़ बना ली कहाँ कभी मिल पाता कोई ! ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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