मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
तत्व
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
तत्व
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, जुलाई 16
ढाई आखर सभी पढ़ रहे
›
ढाई आखर सभी पढ़ रहे प्रेम अमी की एक बूँद ही जीवन को रसमय कर देती, दृष्टि एक आत्मीयता की अंतस को सुख से भर देती ! प्रेम जीतता आया तबसे ज...
17 टिप्पणियां:
शनिवार, सितंबर 24
लहर उठी सागर से कोई
›
लहर उठी सागर से कोई तू मुझमें ही वास कर रहा या मैं तेरे घर हूँ आया ? रहना-आना दोनों मिथ्या एक तत्व है कौन पराया ! लहर उठी सागर से कोई अ...
5 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें