मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

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बुधवार, जुलाई 16

ढाई आखर सभी पढ़ रहे

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ढाई आखर सभी पढ़ रहे  प्रेम अमी की एक बूँद ही जीवन को रसमय कर देती,   दृष्टि एक आत्मीयता की  अंतस को सुख से भर देती !  प्रेम जीतता आया तबसे  ज...
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शनिवार, सितंबर 24

लहर उठी सागर से कोई

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लहर उठी सागर से कोई ​​तू मुझमें ही वास कर रहा या मैं तेरे घर हूँ आया ? रहना-आना दोनों मिथ्या   एक तत्व है कौन पराया ! लहर उठी सागर से कोई  अ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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