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तम
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तम
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सोमवार, जनवरी 6
तम की कारा में दुख झेला
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तम की कारा में दुख झेला तम की कारा में दुख झेला राजस मुक्ति पथ दिखलाता, सत ने सत्य को दिया आश्रय लेकिन क्रम पुन: तम का आया ! एक चक्र म...
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बुधवार, फ़रवरी 14
इश्क की दास्ताँ
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इश्क की दास्ताँ उसने दिए थे हीरे हम कौड़ियाँ समझ के जब नींद से जगाया रहे करवटें बदलते ओढ़ा हुआ था तम का इक आवरण घना सा ...
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गुरुवार, अगस्त 21
जगे नयना इस जतन में
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जगे नयना इस जतन में शब्द चुन-चुन के सजाए भाव के दीपक जलाए, पहर बीते सो न पाए गीत इक जन्मा था तब ! कुछ घटेगा आस मन में तम...
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बुधवार, अप्रैल 9
मिला वही उजियारा बनकर
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मिला वही उजियारा बनकर अँधियारा छंट गया उसी पल बन याद इक बसी हृदय में एक गीत की कड़ी सुमधुर ! नयन भिगोये कसक घनी थी राह न...
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