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शुक्रवार, मार्च 13

पास आकर दूर जाये

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पास आकर दूर जाये तितलियाँ जो उड़ रही हैं गंध पीतीं रस समोती, रंगे जिसने पर सजीले उस अलख के गीत गातीं ! मौन ही होता मुखर स...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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