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सोमवार, जून 1

निजता

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निजता  किसी को, कुछ और नहीं होना है  जो, जो है, वही होकर, स्वयं को संजोना है  गुलाब, गुलाब रहकर ही महकेगा  कमल जल में ही चहकेगा  निजता को पह...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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