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सोमवार, सितंबर 3

कवयित्री शन्नो अग्रवाल का काव्य संसार-खामोश ख़ामोशी और हम में

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प्रिय ब्लॉगर साथियों , मैं कोई समीक्षक नहीं हूँ, मुझे खामोश ख़ामोशी और हम की कवितायें अच्छी लगीं, जो अपने होते हैं उनके साथ हम अपना सुख ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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