मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

दुलियाजान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
दुलियाजान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, अक्टूबर 8

एक पाती दुलियाजान के नाम

›
एक पाती दुलियाजान के नाम बरसों पहले एक भीगी शाम   काली धुली सड़क पर आहिस्ता से कदम रखे तेल के कुँओं को गंध कहीं दूर थी पर....
4 टिप्‍पणियां:
सोमवार, अप्रैल 18

मृणाल ज्योति संस्था द्वारा बीहू नृत्य

›
प्रिय ब्लॅागर साथियों,  मृणाल ज्योति से मैंने  आपका परिचय विश्व विकलांग दिवस ,३ दिसम्बर की पोस्ट में कराया था , बीहू के अवसर पर ये बच्चे भला...
4 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.