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रविवार, नवंबर 10
गोपी पनघट-पनघट खोजे
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गोपी पनघट-पनघट खोजे सुंदरता की खान छिपी है प्रेम भरा कण-कण में जग के , छोटा सा इक कीट चमकता रोशन होता सागर तल में ! बलशाली का नर्तन अनुपम...
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बुधवार, मार्च 28
एक नगमा जिन्दगी का
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एक नगमा जिन्दगी का एक दरिया या समन्दर बह रहा जो प्रीत बनकर , बाँध मत बाँधें तटों पर उमग जाये छलछलाकर ! एक प्यारी सी हँ...
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