मन पाए विश्राम जहाँ
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शनिवार, अगस्त 14
तू अरूप है भारत माता
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तू अरूप है भारत माता पुण्य भूमि, हे भारत माता हर वासी मुस्काता, गाता, आज़ादी का जश्न मनाने लो एक हुजूम चला आता ! तेरे ही आंगन में हे माँ ...
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बुधवार, जून 8
एक और आजादी
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एक और आजादी कौन आजाद हुआ किसके माथे से गुलामी की स्याही छूटी दिलों में दर्द है बिगड़ते हालातों का देश खामोश, माथे पे उदासी है वही खंजर आज...
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