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रविवार, मार्च 16
प, फ, ब, भ, म
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प, फ, ब, भ, म प-वर्ग में आकर बसते हैं सारे रिश्ते जो भाते हैं, परम परमात्मा, भगवान भी पंचम सुर में ही गाते हैं ! प औ’ म के मध्यांतर में इ...
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शनिवार, जुलाई 22
ऐसा एक मिलन था अद्भुत
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ऐसा एक मिलन था अद्भुत प्रिय ब्लॉगर मित्रों, बरसों पहले घर में परिवार के सभी लोग इक्कट्ठे हुए, जब एक कुनबा एक साथ होता है तो कई नई यादें मनों...
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सोमवार, अप्रैल 25
तीन विचार
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तीन विचार अब मंदिर तोड़े गए पुस्तकालय जलाए गए अधिकारों से वंचित किया गया मारा गया कठोरता की सीमाएँ लांघी गयीं ग़ुलाम बनाया गया, बेचा...
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सोमवार, मार्च 8
अमृत स्रोत सी
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अमृत स्रोत सी एक दिन नहीं वर्ष के सारे दिन हमारे हैं, हर घड़ी, हर पल-छिन हमने जगत पर वारे हैं ! माँ सी ममता छिपी नन्ही बालिका में जन्मते ही...
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सोमवार, जनवरी 28
नन्ही नव्या के लिए
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परिवार में नए मेहमान का आना सदा ही हर्ष का कारण होता है, फिर मेहमान जब चौथी पीढ़ी की प्रथम कन्या हो तो खुशियाँ और भी बढ़ जाती हैं, माँ ह...
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रविवार, जून 19
पिता
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पिता पिता वह मजबूत तना है जिसके आधार पर पनप रहा है परिवार और माँ वह जड़ जो दिखाई नहीं देती, पर जिसकी वजह से खड़ा है वृक्ष और जो मुखरित है ...
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