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बंसी
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बुधवार, दिसंबर 21
कान्हा बंसी किसे सुनाए
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कान्हा बंसी किसे सुनाए वरदानों से झोली भर दी पर हमने क़ीमत कब जानी, कितनी बार मिला वह प्रियतम किंतु कहाँ सूरत पहचानी ! आस-पास ही डोल रहा...
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सोमवार, अगस्त 1
वह आज भी प्रतीक्षा रत है..
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वह आज भी प्रतीक्षा रत है.. लुकाछिपी खे लने वाले बच्चों में एक जन छिप गया दूर सबकी नजरों से ऐसी जगह, जहाँ ढूँढ न सका कोई भी उसे कुछ देर वे ...
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