मन पाए विश्राम जहाँ
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बन्धन
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मंगलवार, जून 9
का मना ?
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का मना ? क्या है मन में दो ही तो हैं यहाँ एक ‘मैं’ दूजा ‘तू’ ‘मैं’ है, तो यही कामना है अर्थात बंधन यदि ‘तू’ है तो मुक...
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शुक्रवार, दिसंबर 16
दृष्टि धूमिल मोहित है मन
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दृष्टि धूमिल मोहित है मन किसी-किसी दिन झूठ बोलता लगता दर्पण नयन दिखाते वही देखना चाहे जो भी मन ! दृष्टि धूमिल मोहित है मन ...
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