मन पाए विश्राम जहाँ

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गुरुवार, अगस्त 23

कवयित्री राजेश कुमारी का काव्य संसार- खामोश ख़ामोशी और हम

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      मुज्जफरनगर, उत्तरप्रदेश में जन्मी राजेश कुमारी जी , जियो और जीने दो .. में विश्वास रखती हैं. संगीत व चित्रकला में भी इनकी रूचि ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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