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वंशी
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वंशी
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सोमवार, अगस्त 14
कान्हा तेरे नाम हजारों
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कान्हा तेरे नाम हजारों जब नभ पर बादल छाये हों वन से लौट रही गाएँ हों , दूर कहीं वंशी बजती हो पग में पायलिया सजती हो ! मोर...
7 टिप्पणियां:
गुरुवार, जून 18
वही एक है
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वही एक है एक मधुर धुन वंशी की ज्यों एक लहर अठखेली करती, एक पवन वासन्ती बहकी एक किरण कलियों संग हँसती ! एक अश्रु चरणों ...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, मार्च 16
है बेबूझ बात यह दिल की
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है बेबूझ बात यह दिल की मदिर चाँदनी बिखरी जैसे गुनगुन कोई गीत सुनाता, तेरी यादों में मन खोया काल का पंछी भी थम जाता ! लहरें उठतीं गिरतीं ज...
11 टिप्पणियां:
शनिवार, जुलाई 9
खोया खोया सा मन रहता
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खोया खोया सा मन रहता जब कोई हौले से आकर कानों में वंशी धुन छेड़े, माली दे ज्यों जल पादप को जब कोई अंतर को सींचे ! जब तारीफों के पुल बांधे...
11 टिप्पणियां:
शुक्रवार, अक्टूबर 1
रह-रह कर भीतर वंशी धुन
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रह-रह कर भीतर वंशी धुन बिखरा है बन कर उजास मिलता है तू श्वास-श्वास कहाँ समेटूँ कहाँ समोऊँ पूछ रहा मन ले उच्छ्वास ! पलकों में मुस्कान छिपी ...
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