मन पाए विश्राम जहाँ

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गुरुवार, सितंबर 21

गणपति अथर्वशीर्ष

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गणपति अथर्वशीर्ष  संस्कृत भाषा में एक लघु उपनिषद है। यह पाठ गणेश को समर्पित है, जो बुद्धि और सीखने का प्रतिनिधित्व करने वाले देवता हैं। इसम...
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शनिवार, जून 17

दुलियाजान में गुरूजी

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दुलियाजान में गुरूजी सूरज, गगन, धरा, वट, पंछी पुलकित होकर हुए तृप्त हैं, इक ही सुर में सब गाते हैं  उसी की चाहत जो मुक्त है ! मुक्त सदा जो ह...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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