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समुन्दर
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समुन्दर
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सोमवार, जून 3
बरसे नभ से मधुरिम सागर
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बरसे नभ से मधुरिम सागर मचल रहा बाहर आने को ठांठे मारे एक समुन्दर, आतुर है सुवास अनोखी चन्दन वन सी अगन सुलगकर ! नदी बह रही...
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शनिवार, जुलाई 30
बस मुस्कान फरिश्तों वाली
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बस मुस्कान फरिश्तों वाली जैसे कोई गहरी खाई एक अथाह समुन्दर जैसा, या फिर कोई गहन कूप हो, अद्भुत मन मानव का ऐसा ! प्रथम श्वास भरी जब तन न...
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