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बुधवार, मई 18
पिता
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पिता पुराने वक्तों के हैं पिता उन वक्तों के जब हवा में घुल गयी थी दहशत खिलखिलाहटें, फुसफुसाहटों में और शोर सन्नाटे में बदल रहा था पाक पट्ट...
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