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बुधवार, मई 18

पिता

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पिता पुराने वक्तों के हैं पिता उन वक्तों के जब हवा में घुल गयी थी दहशत खिलखिलाहटें, फुसफुसाहटों में और शोर सन्नाटे में बदल रहा था पाक पट्ट...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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