मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
शुक्रवार, अगस्त 28
रक्षाबंधन पर हार्दिक शुभकामनाएँ
›
रक्षाबंधन पर हार्दिक शुभकामनाएँ सावन के पूनम की बेला, संग लायी यादों का मेला न केवल धागा कलाई पर, बँधता स्नेह,विश्वास निराला ! कभी समरभूमि ...
8 टिप्पणियां:
बुधवार, अगस्त 26
श्वासों की समिधा को
›
श्वासों की समिधा को श्वासों की समिधा को अंतर की हवि कर दें, पल-पल में जी लें फिर सुंदर की छवि भर लें ! उर के घट पावन में प्रियतम जो बसता है...
6 टिप्पणियां:
सोमवार, अगस्त 24
कुढ़ना और मुस्कुराना
›
कुढ़ना और मुस्कुराना ‘कुढ़ना’ यानि मन ही मन उस बात की शिकायत करना जो है ही नहीं, हुई ही नहीं और हो सकती ही नहीं वाक़ई कितना बेमानी है ...
12 टिप्पणियां:
गुरुवार, अगस्त 20
सत-रज-तम का खेल है सारा
›
सत-रज-तम का खेल है सारा कौन हमारा, कौन पराया इसका पता लगाया जाये, तन-मन दिखे, अगोचर आत्मा किसका ध्यान लगाया जाये? तन यह माटी, मन पानी स...
8 टिप्पणियां:
मंगलवार, अगस्त 18
जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो
›
जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो नीले नभ में देख तिरंगा हर भारतवासी को गर्व है, वीरों के बलिदानों से ही आया आज़ादी का पर्व है ! भारत की मिट्ट...
2 टिप्पणियां:
रविवार, अगस्त 16
स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएँ
›
स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएँ धर्म व अर्थ, काम और मोक्ष चारों का पुरुषार्थ कर रहा, भारत विकसित देश बनेगा हर कार्य उस हितार्थ कर रहा ! ...
4 टिप्पणियां:
आज़ादी
›
आज़ादी आज रामू काम पर आया तो उसे अपने फटे-हाल वस्त्रों पर कोई शर्म नहीं आयी। कल उसे पहली पगार मिलने वाली थी, जिससे वह अपने लिए नये वस्त्र ख...
4 टिप्पणियां:
सोमवार, अगस्त 10
सलोनी की कहानी
›
सलोनी की कहानी सलोनी का नाम पुकारा गया तो वह धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ती हुई मंच पर गई। पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। महिलाओं की अर्ध मैराथन द...
10 टिप्पणियां:
शनिवार, अगस्त 8
जीने की कला
›
जीने की कला क्या मिला है? क्या नहीं इसको न देखें क्या घटा है मन के भीतर ? क्या बने हैं, इसे परखें ! धन मिला, पर बुझ गया मन यश मिला, पर...
10 टिप्पणियां:
गुरुवार, अगस्त 6
माँ और मानव
›
माँ और मानव प्रेम और ज्ञान के तन्तुओं से बनी माँ शारदे शांति और सुख से भरी शक्ति अपार धारे माँ दुर्गा निमग्न आनंद में बगिया सी हरी पु...
8 टिप्पणियां:
शुक्रवार, जुलाई 31
मन के पार
›
मन के पार मन के पार जाना ही होगा यदि शुद्ध प्रेम का स्वाद लेना है मन दो पर टिका है यहाँ घृणा चली आती प्रेम के साथ शांति के पीछे अशांति ...
17 टिप्पणियां:
मंगलवार, जुलाई 28
गुरु पूर्णिमा पर हार्दिक शुभकामनाएँ
›
गुरु पूर्णिमा पर हार्दिक शुभकामनाएँ गुरु का हर इक वचन अनूठा अंधकार मन का हर लेता, गुरु का दर्शन कितना पावन शिष्य सहज ख़ुद को पा लेता ! ग...
4 टिप्पणियां:
रविवार, जुलाई 26
सबके दिल की गहराई में
›
सबके दिल की गहराई में इक भूमि की गोद में उगते नीम और आमों के तरुवर, दोनों जीवन को संजोये इक कटु, दूजा मृदु रस भरकर ! सबके दिल की गहराई म...
11 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें