मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
क्रोध
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क्रोध
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शनिवार, दिसंबर 4
सेहत का है राज यही, नहीं भूलना इन्हें कभी
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सेहत का है राज यही, नहीं भूलना इन्हें कभी समय पे सोना औ' जागना बात-बात पर दुखी न होना, थोड़ा सा ही पौष्टिक भोजन आसन, प्राणायाम साधना...
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गुरुवार, मार्च 11
होगा ही कोई हाथ
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होगा ही कोई हाथ सूर्य नहीं कहता वह सूर्य है उसकी किरणें ही बताती हैं चाँद अपना नाम नहीं लिखता आसमान पर चाँदनी बयान करती है उसका हाल परमा...
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मंगलवार, जुलाई 21
चाहे जो भी रूप धरा हो
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चाहे जो भी रूप धरा हो जल ही लहर लहर से सागर जल ही बूंद भरा जल गागर, फेन बना कभी हिम् चट्टान वाष्प बना फिर उड़ा गगन पर !...
3 टिप्पणियां:
शुक्रवार, जनवरी 24
ज्ञान और अज्ञान
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ज्ञान और अज्ञान असीम है ज्ञान और अज्ञान की भी सीमा नहीं है मानव के सह लेता है जन्म और मृत्यु का दुःख काट लेता है वृद्धावस्थ...
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