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नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
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मंगलवार, अप्रैल 30
वृद्धावस्था
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वृद्धावस्था नहीं भाता अब शोर जहाँ का अखबार बिना खोले पड़ा रह जाता है टीवी खुला भी हो तो दर्शक सो जाता है गर्दन झुकाए क...
9 टिप्पणियां:
मंगलवार, मई 29
भाई
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भाई अखबार में आने वाली , हर पहेली हल करते उतार चश्मा, नजदीक लाकर , महीन अक्षर पढ़ते .... बड़े भाई अब भी बचपन को सहेजे हैं....
12 टिप्पणियां:
गुरुवार, जुलाई 28
बहुत रुलाते हैं
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नार्वे, लीबिया हो या अफगानिस्तान, या अपना भारत, हर देश के निर्दोष आज हिंसा का शिकार हो रहे हैं.... जाने कब होगा इसका अंत.... बहुत रुलात...
12 टिप्पणियां:
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