मन पाए विश्राम जहाँ
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अत्याचार
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अत्याचार
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मंगलवार, अक्टूबर 19
इतिहास बार-बार दोहराता है स्वयं को
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इतिहास बार-बार दोहराता है स्वयं को मंदिर तोड़े जा रहे हैं खंडित हो रही हैं मूर्तियाँ धर्म के नाम पर अत्याचार और हैवानियत का एक बार फिर प...
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बुधवार, अप्रैल 22
पालघर
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पालघर जो घर है और जो पालता है वहाँ नरभक्षी घुस आये हैं जिनसे भयभीत हैं जनता के रक्षक भी सुना है रावण ऋषि-मुनियों को मरव...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, दिसंबर 21
जहाँ नारी का अपमान होता है....
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जहाँ नारी का होता है अपमान जैसे क्रूस पर चढ़ा हो कोई मसीहा औरों के लिए.. माथे पर काँटों का मुकुट धारे जिससे टपकती हो रक्त ...
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