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असत्
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बुधवार, सितंबर 22
गीता
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गीता सत् के आधार पर ही असत् की नौका डोलती है कभी दिखती कभी हो जाती ओझल खुद अपना भेद खोलती है विशालकाय तारे भी टूटा करते जन्मे थे जो ...
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