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औषधि
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बुधवार, जून 17
मंज़िल और रास्ते
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मंज़िल और रास्ते जिसने जाना, जो भी जाना वह कहा नहीं जा सकता जो कहा गया है वह मार्ग की खबर देता है मंज़िल की नहीं वहाँ तो ख़ुद ही जाना ह...
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शुक्रवार, अक्टूबर 14
बूंद जैसे ओस की हो
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बूंद जैसे ओस की हो जल रही है ज्योति भीतर तिमिर पर घनघोर छाया, स्रोत है अमृत का सुखकर किन्तु मन तृप्ति न पाया ! औषधि के घट भरे हैं वृक्ष स...
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