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गुरुवार, मई 22
देवी कवच
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देवी कवच शैलपुत्री सी अडिग हो नित ब्रह्म में विचरण करे, चन्द्र ज्योति निनाद घंटा शुभ चेतना धारण करे ! स्कन्द जैसी वीरता हो कात्यायनी सी...
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गुरुवार, सितंबर 20
शब्दों की सीमा बाहर है
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शब्दों की सीमा बाहर है शब्दों से ही परिचय मिलता उसके पार न जाता कोई, शब्दों की इक आड़ बना ली कहाँ कभी मिल पाता कोई ! ...
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