मन पाए विश्राम जहाँ
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शुक्रवार, जुलाई 12
चाह
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चाह वह तैरना चाहती है नीले स्वच्छ जल में मीन की भाँति (पर जल अब विमल शेष ही कहाँ है ?) वह दौड़ाना चाहती है सर्राटे से कार भीड़ भरी सड़को...
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शुक्रवार, अप्रैल 13
दिल्ली की एक सुबह
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दो दिनों के लिये हम दिल्ली में थे, कैंटोनमेंट एरिया में आर्मी कैंटीन के पास स्थित मेरे भाई के सरकारी आवास में ठहरे थे. सुबह बालकनी में बैठ...
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