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जीव
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जीव
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गुरुवार, अप्रैल 9
भव सागर का कूल किनारा
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भव सागर का कूल किनारा परम एक था ! निपट अकेला उपजा जिससे जगत पसारा, ढूँढ रहा हर कोई जिसमें भव सागर का कूल किनारा ! दिखता नहीं दूसरा को...
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सोमवार, अप्रैल 29
मनुज प्रकृति से दूर गया है
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मनुज प्रकृति से दूर गया है वृक्षों के आवाहन पर ही मेघा आकर पानी देते, कंकरीट के जंगल आख़िर कैसे उन्हें बुलावा दे दें ! सूना सा नभ तपती ...
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गुरुवार, मई 3
वह
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वह जैसे माँ करती है स्वच्छ दुधमुहें बच्चे के मैले वस्त्र स्नेह भरे अंतर में.. वह करता है दूर हमारे मन से मैल की परत दर परत....
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