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ठंड
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ठंड
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शुक्रवार, जनवरी 2
वह
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पिछले वर्ष के अंतिम सप्ताह में मैं दिल्ली में भाई के घर में थी, उसी कड़ाके की सर्दी में यह यथार्थ कागज पर उतारा था. वह बाहर है ...
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शनिवार, नवंबर 1
ऋतू आयी मृदु भावों वाली
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ऋतु आयी मृदु भावों वाली धूप, हवा संग एक हो सकें नदिया, पिकनिक, फूलों वाली ऋतु आयी मृदु भावों वाली ! हल्की-हल्की ठंड रेश...
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शुक्रवार, दिसंबर 13
पावनी प्रकृति
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पावनी प्रकृति ठंड एकाएक बढ़ गयी थी ढक लिया परिवेश को कुहरे की घनी चादर ने वृक्ष के नीचे टपक रही बूँदे भीगा था घास का हर त...
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शनिवार, जनवरी 12
लौट लौट आते हैं मौसम
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पौष का एक दिन हुआ प्रातः, पर रात अड़ी है जाने का यह नाम न लेती, घना कोहरा, ढका गगन व ठिठुरन तन को अकड़ा देती ! आज गगन का ...
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मंगलवार, फ़रवरी 7
आया वसंत झूम के
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आया वसंत झूम के धूप ने पिया जब फूलों का अर्क भर गयी ऊर्जा उसके तन-बदन में.... कल तक नजर आती थी जो कृश और कुम्हलाई आज कैसी खिल गयी है... वस...
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सोमवार, दिसंबर 6
पौष का एक दिन
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पौष का एक दिन है प्रातः, पर रात अड़ी है जाने का यह नाम न लेती, घना कोहरा, ढका गगन यह ठिठुरन तन को अकड़ा देती ! आज गगन का राजा भी तो दुबका बै...
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