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शनिवार, मई 23

वह

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 वह भूल कर भी दिल से वह जाता नहीं  बिन बुलाये घर में जो आता नहीं  गूँजती है धुन उसकी बांसुरी की  जय के नगमे जो कभी गाता नहीं...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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