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दिवाली
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दिवाली
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मंगलवार, अक्टूबर 25
दिवाली की अगली भोर
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दिवाली की अगली भोर सूर्य ग्रहण लगने वाला है किंतु अभी है शेष उजाला उन दीयों का जो बाले थे बीती रात जगमग हुईं थी राहें सारी गली-गली, ह...
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शुक्रवार, नवंबर 5
रहें सदा दिल मिले हमारे
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रहें सदा दिल मिले हमारे ज्योति जले ज्यों हर घर-बाहर गलियाँ , सड़कें, छत, चौबारे, मन में प्रज्ज्वलित स्नेह प्रकाश रहें सदा दिल मिले हमारे ...
11 टिप्पणियां:
बुधवार, नवंबर 3
जब अंतरदीप नहीं बाले
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जब अंतरदीप नहीं बाले पूर्ण हुआ वनवास राम का, सँग सीता के लौट रहे हैं हुआ अचंभा देख लखन को , द्वार अवध के नहीं खुले हैं ! अब क्योंकर उत्सव...
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सोमवार, नवंबर 1
आयी जगमग दीवाली
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पूर्ण हुआ वनवास राम का सँग सीता के लौट रहे हैं, अचरज हुआ लक्ष्मण को लख द्वार अवध के नहीं खुले हैं ! अब क्योंकर उत्सव यह हो दीपमालिका नृत्...
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