मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
नूर
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नूर
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बुधवार, जून 14
करें सजदा हर कदम पर
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करें सजदा हर कदम पर हर तरफ़ जलवा उसी का हर तरफ़ उसका ही नूर, कैसे कोई क़ैद भला रहे ख़ुद में ख़ुद से दूर ! बीज जैसे खोल में हो राज मन ...
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बुधवार, मई 29
उसको खबर सभी की
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उसको खबर सभी की खोया नहीं है कोई भटका नहीं है राह अपने ही घर में बैठा बस घूमने की चाह जो दूर से भी दूर और पास से भी पास ऐ...
9 टिप्पणियां:
सोमवार, जनवरी 9
ये नजरें कहीं और टिकती नहीं
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ये नजरें कहीं और टिकती नहीं तू नूर है हम नूर को चाहने वाले अब अंधेरों से अपनी तो निभती नहीं कहाँ छिपा सका तू खुद को पर्दे में तुझसे त...
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