मन पाए विश्राम जहाँ
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बुधवार, सितंबर 13
दूर और पास
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दूर और पास वे साथ रह सकते थे पर रहते नहीं थे क्योंकि उनके दिल साथ थे हो सकता है साथ रहने पर दूर हो जाते दिल से वे दू….र थे इसलिए.. निक...
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गुरुवार, अगस्त 26
दूर और पास
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दूर और पास दूर से सूरज की आभा में नीला पर्वत लग रहा था मोहक और उसके नीचे फैला हरा मैदान बुला रहा था पर तपती दोपहरी में चला नहीं जाता...
7 टिप्पणियां:
गुरुवार, मई 8
आना-जाना
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आना-जाना न कोई किसी से दूर जाता है न कोई किसी के पास आता है, स्वयं से दूर और स्वयं के पास हर मानव यहाँ आता-जाता है ! क...
10 टिप्पणियां:
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