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गुरुवार, मई 19
मन की मछरिया
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मन की मछरिया शब्दों के जाल में मन की मछली अक्सर फंस जाती है स्रोत से दूर होकर व्यर्थ ही छटपटाती है जल से बनी है वह भूल ही जाती है चाह...
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