मन पाए विश्राम जहाँ
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मुहब्बत
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मुहब्बत
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गुरुवार, जून 16
भेद - अभेद
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भेद - अभेद यह चाह कि कोई देखे फूल को खिलने नहीं देगी वह तो अच्छा है कि किसी फूल को यह चाह नहीं होती बड़ा फ़ासला है तेरे मेरे बीच इसी च...
13 टिप्पणियां:
मंगलवार, मई 10
सफर अब भी वह जारी है
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सफर अब भी वह जारी है अगर दिल में मुहब्बत हो जहाँ जन्नत की क्यारी है सुकूं तारी सदा रहता यह ऐसी बेकरारी है I तेरी नजरों से जब देखा यह दु...
11 टिप्पणियां:
गुरुवार, मई 5
दिल में रहे किसी के
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दिल में रहे किसी के हर दिल में कैद है इक दरिया मुहब्बतों का बांधे न बांध जिसको सागर की हो तमन्ना ! कदमों में कैद राहें मंजिल का पता पूछें...
8 टिप्पणियां:
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