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मंगलवार, मई 7
सदा रहे उपलब्ध वही मन
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सदा रहे उपलब्ध वही मन यादों का इक बोझ उठाये मन धीरे-धीरे बढ़ता है, भय आने वाले कल का भर ऊँचे वृक्षों पर चढ़ता है ! वृक्ष विचारों के ही ग...
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शुक्रवार, अप्रैल 3
देर है वहां अंधेर नहीं
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देर है वहां अंधेर नहीं देर है वहां अंधेर नहीं तभी पुकार सुनी धरती की सूक्ष्म रूप में भू पर आके व्यवस्था काल लगा है लाने ...
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शुक्रवार, अगस्त 31
उन सभी युवाओं को समर्पित जो विवाह बंधन में बंधने वाले हैं
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यह बंधन तो प्रेम का बंधन है बचपन से किशोर फिर युवा होते तन फिर भी रहे वही बच्चों वाले प्यारे से मन उन्हीं मासूम मनों क...
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रविवार, जुलाई 10
उन सब बच्चों को समर्पित, जिनका आज जन्म दिन है और जो घर से दूर हैं !
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प्रिय पुत्र के जन्मदिवस पर तुम आये जीवन में जिस पल जगमग मन में हुआ उजाला, अपने ही तन की माटी से गढ़ डाला जब रूप निराला ! उस नन्हें तन क...
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