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नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
सद्गुरू
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सद्गुरू
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सोमवार, मई 13
निर्मल बुद्ध चेतना लेकर
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निर्मल बुद्ध चेतना लेकर एक समन्दर विमल शांति का एक बगीचा ज्यों पुष्पों का, एक अनंत गगन सम विस्तृत मौन एक पसरा मीलों का ! दिवस अवतरण का पावन ...
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सोमवार, जुलाई 3
सत्यं, शिवं, सुन्दरं सदगुरु
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सत्यं, शिवं, सुन्दरं सदगुरु एक बूँद में सागर भर दे जो अनंत को हमें थमा दे, नाम खुमारी में तर कर दे घूँट-घूँट में अमिय पिला दे ! जो बंदे को...
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सोमवार, जुलाई 30
शब्दों से ले चले मौन में
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शब्दों से ले चले मौन में माटी का तन ज्योति परम है सद्गुरु रब की याद दिलाता , है अखंड वह परम निरंजन तोषण का बादल बरसाता ! ...
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शुक्रवार, मई 11
जीवन कैसे अर्थवान हो
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जीवन कैसे अर्थवान हो इस जीवन का मर्म सिखाने खुद को खुद से जो मिलवाये , कर प्रज्वलित अंतर उजास आत्मकुसुम अनगिनत खिलाये ! ...
शनिवार, जुलाई 12
गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप सभी को शुभकामनायें
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सद्गुरू तू वसंत है खिला अनवरत तू सुगंध है अनुपम जग की, बेशकीमती हीरा जैसे तू चाहत है हर इक मन की ! है अनंत विस्तार तुम्हारा क...
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