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शनिवार, अगस्त 8

जीने की कला

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जीने की कला  क्या मिला है? क्या नहीं इसको न देखें   क्या घटा है मन के भीतर ?  क्या बने हैं, इसे परखें  ! धन मिला, पर बुझ गया मन  यश मिला, पर...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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