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सोमवार, मई 23
बन जाओ गर राग प्रेम का
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बन जाओ गर राग प्रेम का खुद से दूर हुआ है जो भी तुझसे दूर रहा करता है, प्रेमी ही यदि खोया हो तो प्रियतम कहाँ मिला करता है ! बजा रहा है का...
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