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मंगलवार, अप्रैल 5

या रब

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या रब या रब हो मेरे दिल का इतना बड़ा मकां दुनिया के सब गमों को उसमें पनाह मिले ! बरसें मेरे आंगन में चाहे न बदलियाँ सरहद के उस पार पर पानी ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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