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शनिवार, मई 7

बस इतना सा ही सरमाया

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बस इतना सा ही सरमाया गीत अनकहे, उश्ना उर की बस इतना सा ही सरमाया ! कांधे पर जीवन हल रखकर धरती पर फिर कदम बढाये कुछ शब्दों के बीज गिराए उ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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