मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

बुधवार, फ़रवरी 28

गीत उपजते अधरों से यूँ

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गीत उपजते अधरों से यूँ रंग बिखेरे जाने किसने उपवन सारा महक रहा है , लाल , गुलाबी , नीले , पीले कुसुमों से दिल बहक रहा...
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शनिवार, फ़रवरी 24

राग अनंत हृदय ने गाया

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राग अनंत हृदय ने गाया मन राही घर लौट गया है   पा संदेसा इक अनजाना , नयन टिके हैं श्वास थमी सी एक पाहुना आने वाला ! र...
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बुधवार, फ़रवरी 21

फागुन झोली भरे आ रहा

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फागुन झोली भरे आ रहा सुनो ! गान पंछी मिल गाते मदिर पवन डोला करती है , फागुन झोली भरे आ रहा कुदरत खिल इंगित करती है ! ...
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बुधवार, फ़रवरी 14

इश्क की दास्ताँ

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इश्क की दास्ताँ उसने दिए थे हीरे हम कौड़ियाँ समझ के जब नींद से जगाया रहे करवटें बदलते ओढ़ा हुआ था तम का इक आवरण घना सा ...
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सोमवार, फ़रवरी 12

‘कुछ’ न होने में ही सुख है

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‘कुछ’ न होने में ही सुख है  ‘कुछ’ होने की जिद में अकड़ा फिर-फिर दुःख को कर में पकड़ा, इक उलझन में हरदम जकड़ा   क्यों न...
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शुक्रवार, फ़रवरी 9

अनुरागी मन

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अनुरागी मन कैसे कहूँ उस डगर की बात चलना छोड़ दिया जिस पर अब याद नहीं कितने कंटक थे और कब फूल खिले थे  पंछी गीत गाते थे ...
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गुरुवार, फ़रवरी 8

शून्य और पूर्ण

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शून्य और पूर्ण   तज देता है पात शिशिर में पेड़ ठूंठ सा खड़ा होने की ताकत रखता है  अर्पित करे निज आहुति सृष्टि महायज्ञ में ...
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गुरुवार, फ़रवरी 1

कल जो चाहा आज मिला है

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कल जो चाहा आज मिला है भय खोने का, पाने का सुख मन को डाँवाडोल करेगा, अभय हृदय का, वैरागीपन पंछियों में उड़ान भरेगा ! मंजिल...
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बुधवार, जनवरी 31

लहर उठी

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लहर उठी सहज तरंगित उच्छल ऊर्जित लहर उठी विराट सागर में , लक्ष्य नहीं है कोई जिसका गिर जाती विलीन हो पल में ! छूता कोई दृ...
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सोमवार, जनवरी 29

एक अजाना मौन कहीं है

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एक अजाना मौन कहीं है कभी उत्तंग नभ को छूतीं कभी क्लांत हो तट पे सोतीं , सागर को परिभाषित करतीं  उन लहरों का स्रोत कहीं ...
शुक्रवार, जनवरी 26

जैसे चन्द्र चमकता नभ में

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गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं सहित  जैसे चन्द्र चमकता नभ में भूमंडल पर देश सैकड़ों भारत की है बात निराली , जैसे चन...
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गुरुवार, जनवरी 25

विवाह की वर्षगांठ पर

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आज छोटी बहन के विवाह की वर्षगांठ है, यह कविता उन सभी को समर्पित है जिनके विवाह की वर्षगांठ इस हफ्ते है. विवाह की वर्षगांठ पर शुभ...
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Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
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