मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
सोमवार, सितंबर 29
सजगता
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सजगता छुपे हुए हैं भेड़िये छद्म रूप में जो रोकते हैं कदमों को आगे बढ़ने से नहीं काम आते मोह से बंधे जन सहायक होता है कोई अन्य ही अस्ति...
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शनिवार, सितंबर 27
भरोसा
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भरोसा कहीं विश्वास की कमी कहीं अंधविश्वास दोनों ही मंज़िल तक पहुँचने नहीं देते ! जिस पर विश्वास नहीं किया वह पीछे छूट जाता है किया जिस ...
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गुरुवार, सितंबर 25
हिमालय की यात्रा के बाद
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हिमालय की यात्रा के बाद पर्वतों को छूकर हम लौट आये हैं स्वप्न जो संजोये थे पूर्ण कर उन्हें यादों में समेट लाये हैं ! कदम-कदम पर भय की हा...
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मंगलवार, सितंबर 23
एक वही तो डोल रहा है
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एक वही तो डोल रहा है गा-गा कर थक गये सयाने बुद्धि से तेज गति है जिसकी, जीवन एक सुगंध की खानि कानों में आ बोल रहा है ! स्थूल-सूक्ष्म दोनों...
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शुक्रवार, सितंबर 19
दुख या प्रेम
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दुख या प्रेम दुख का अंत कैसे होता है ? क्या ऐसा कभी हुआ भी है ? या हो सकता है ? हाँ, यह संभव है प्रेम में ! पर इसके लिए रहना होगा शुद्ध वर...
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बुधवार, सितंबर 17
Sharadakshara: पुस्तक समीक्षा | शब्द-शब्द संवाद करती कविताओं का इ...
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Sharadakshara: पुस्तक समीक्षा | शब्द-शब्द संवाद करती कविताओं का इ... : 'आचरण' में प्रकाशित पुस्तक समीक्षा प...
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मंगलवार, सितंबर 16
सत्य
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सत्य मन ख़ाली है और इसे ख़ाली रखना अस्तित्त्व का काम है किसी ने इसे ख़ाली रखा है बातें आती हैं कहीं बाहर से और कोई भी इसे देख सकता ह...
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रविवार, सितंबर 14
आज राजभाषा दिवस है
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आज राजभाषा दिवस है यानि हिंदी दिवस हिंदी अर्थात करोड़ों की मातृभाषा और उनसे अधिक की बोलचाल की भाषा, सोचने, लिखने-पढ़ने की भाषा, स्वप्नों...
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गुरुवार, सितंबर 11
हर पल जीवन नया हो रहा
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हर पल जीवन नया हो रहा साथ समय के चलना होगा वरना ख़ुद को छलना होगा, शब्द उगें पन्ने पर, पहले मन को भीतर गलना होगा! छंद, ताल, लय, बिंब अनोखा...
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शुक्रवार, अगस्त 29
बादल है तो बरसेगा ही
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बादल है तो बरसेगा ही बादल है तो बरसेगा ही खेत किसी का सरसेगा ही, भरा हुआ है जो अभाव से ऐसा मन तो तरसेगा ही ! जल अध गगरी छलकेगा ही व्यर्...
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मंगलवार, अगस्त 26
शुभता के प्रतीक गणनायक
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शुभता के प्रतीक गणनायक गणपति हैं जन-जन के नायक हर घर-आँगन में बस जाते, नृत्य, गायन, साज-सज्जा के जाने कितने ढंग सिखाते ! पाहन, माटी, काष...
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