मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
अमावस
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
अमावस
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, नवंबर 14
जलें दीप जगमग हर मग हो
›
जलें दीप जगमग हर मग हो पूर्ण हुआ वनवास राम का, सँग सीता के लौट रहे हैं अचरज देख हुआ लक्ष्मण को, द्वार अवध के नहीं खुले हैं ! अब क्योंकर उत्...
9 टिप्पणियां:
सोमवार, सितंबर 3
ऐसा दीवाना है कान्हा
›
ऐसा दीवाना है कान्हा आँसू बनकर जो बहता है मौन रहे पर कुछ कहता है , किसी नाम से उसे पुकारो उपालम्भ जो सब सहता है ! ...
2 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें