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नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
ख्वाहिश
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ख्वाहिश
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सोमवार, अप्रैल 26
रहमतें बरसती हैं
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रहमतें बरसती हैं करें क़ुबूल सारे गुनाहों को हम अगर रहमतें बरसती हैं, धुल ही जायेंगे हरेक शै अपनी कीमत यहाँ माँगे भला कब तक चुकाने से बच...
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मंगलवार, मई 5
हर ख्वाहिश पे दम निकले
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हर ख्वाहिश पे दम निकले सूची ख्वाहिशों की चुकने को नहीं आती तुझसे मिलने की सूरत नजर नहीं आती या खुदा ! तू छुपा नहीं है ला...
4 टिप्पणियां:
मंगलवार, फ़रवरी 18
दिल में उसके हम रहते हैं
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दिल में उसके हम रहते हैं वह रहता है अपने दिल में सुना था जाने कितनी बार, झाँका जब भी भीतर अपने पाया केवल यह संसार ! चा...
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